भारतीय किसान यूनियन का आक्रोश

 

 

ज़फ्फरनगर में आज उस समय भारतीय किसान यूनियन का आक्रोश देखने को मिला जब गन्ना भुगतान और गन्ना मूल्य बढ़ोतरी की मांग को लेकर सैकड़ो किसानो ने पहले तो जिलाधिकारी कार्यालय पर कब्ज़ा कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और जब खाईखेड़ी और तितावी शुगर मिल के जर्नल मैनेजर किसानो से वार्ता करने पहुंचे तो किसानो ने दोनों जी एम को कार्यालय में ताला लगाकर बंदी बना लिया। किसानो का कहना है की जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं की जाएगी तब तक दोनों बंदियों को नहीं छोड़ा जायेगा

उत्तर प्रदेश के जनपद मुज़फ्फरनगर के जिलाधिकारी कार्यालय पर आज गन्ना भुगतान और गन्ना मूल्य बढ़ोतरी को लेकर सैकड़ो किसानो ने धरना प्रदर्शन करते हुए जमकर हंगामा किया। हालाँकि जिस समय किसानो ने डी एम ऑफिस पर कब्ज़ा किया उस समय जिलाधिकारी राजीव शर्मा अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे। और जब खाईखेड़ी शुगर मिल और तितावी शुगर मिल के जर्नल मैनेजर नागेंद्र चौधरी ,साहिल अंसार किसानो से बात करने जिला कलक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे तो भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओ ने दोनों जर्नल मैनेजरों को कार्यालय में ताला लगाकर बंदी बना लिया। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष राजू अहलावत का कहना है की केंद्र और यू पी सरकार किसानो के साथ छल करने से बाज़ नहीं आ रही है किसान लगातार गन्ना भुगतान को लेकर सरकार से गुहार लगाते आ रहे है बावजूद इसके सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। सरकार के नुमाइंदे अपना कार्यालय छोड़ जनप्रतिनिधियों की चमचागिरी करने में व्यस्त है। आज अगर हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो हम लोग डी एम ऑफिस पर तालाबंदी कर देंगे। बंदी बनाये गए शुगर मिल के जी एम का कहना है की हमें इस लिए बंदी बनाया गया है क्योंकि दूसरी शुगर मिल कंपनी के मुताबिक हमारी शुगर मिल का गन्ना भुगतान कम हुआ है हमें भारतीय किसान यूनियन ने बंदी बनाया है। हमने अपने मुख्यलय को सुचना दे दी है। अभी तक हमारी शुगर मिल पर लगभग 66 करोड़ रुपया बकाया है 16 करोड़ का भुगतान हमने कर दिया है। वंही भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष का कहना है की देखिये तितावी और खाईखेड़ी शुगर मिल के जी एम है हमारी इन से कोई लड़ाई नहीं है हम तो जो किसानो का हक़ है वो मांग रहे है आज सुबह से हम लोग जिला अधिकारी कार्यालय पर धरना दिए हुए है जिसमे ये मांग थी की डेड सो करोड़ रुपया तितावी शुगर मिल पर बकाया है किसानो का और 90 करोड़ खाईखेड़ी शुगर मिल पर बकाया है यंहा का जिला प्रशासन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहा है जिला प्रशासन ने हाथ खड़े करते हुए कहा है की हम शुगर मिल कंपनियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कर सकते इसी लिए हमने इन दोनों को जो जिला प्रशासन का बंदीगृह है उसमे डाल दिया है जब तक किसानो पर जो कुर्की और वारंट जा रहे है तब तक हम इन्हे नहीं छोड़ेंगे। हमें गन्ने का भुगतान देदो और इन्हे छुड़ा कर ले जाओ। यंहा का कोई विधायक कोई सांसद गन्ना किसानो के लिए नहीं बोलता इससे यही लगता है की मुज़फ्फरनगर का जिला प्रशासन और सभी जनप्रतिनिधि शुगर मिल मालिकों के दबाव में है।

( जी एम – खाईखेड़ी शुगर मिल ) हमें इस लिए बंदी बनाया गया है क्योंकि दूसरी शुगर मिल कंपनी के मुताबिक हमारी शुगर मिल का गन्ना भुगतान कम हुआ है हमें भारतीय किसान यूनियन ने बंदी बनाया है। हमने अपने मुख्यलय को सुचना दे दी है। अभी तक हमारी शुगर मिल पर लगभग 66 करोड़ रुपया बकाया है 16 करोड़ का भुगतान हमने कर दिया है

भारतीय किसान यूनियन ) देखिये तितावी और खाईखेड़ी शुगर मिल के जी एम है हमारी इन से कोई लड़ाई नहीं है हम तो जो किसानो का हक़ है वो मांग रहे है आज सुबह से हम लोग जिला अधिकारी कार्यालय पर धरना दिए हुए है जिसमे ये मांग थी की डेड सो करोड़ रुपया तितावी शुगर मिल पर बकाया है किसानो का और 90 करोड़ खाईखेड़ी शुगर मिल पर बकाया है यंहा का जिला प्रशासन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहा है जिला प्रशासन ने हाथ खड़े करते हुए कहा है की हम शुगर मिल कंपनियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कर सकते इसी लिए हमने इन दोनों को जो जिला प्रशासन का बंदीगृह है उसमे डाल दिया है जब तक किसानो पर जो कुर्की और वारंट जा रहे है तब तक हम इन्हे नहीं छोड़ेंगे। हमें गन्ने का भुगतान देदो और इन्हे छुड़ा कर ले जाओ। यंहा का कोई विधायक कोई सांसद गन्ना किसानो के लिए नहीं बोलता इससे यही लगता है की मुज़फ्फरनगर का जिला प्रशासन और सभी जनप्रतिनिधि शुगर मिल मालिकों के दबाव में है।