32 मौत के बाद नही खुली राजधानी पुलिस की आंख

धधक रही अवैध शराब की भट्ठियां
लखनऊ:NKB:- बख्शी का तालाब व इटौंजा, काकोरी, मोहनलालगंज, मलिहाबाद, बंथरा, सरोजनीनगर थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में स्थानीय पुलिस एवं आबकारी विभाग की मिलीभगत से अवैध शराब की भट्टियां धधक रही हैं। जो बुझने का नाम नहीं ले रही हैं।

प्रतिदिन अवैध कच्ची शराब का व्यवसाय फल-फूल रहा है। लेकिन इस कारोबार पर अंकुश न तो पुलिस लगा पा रही है और न ही आबकारी विभाग, इसकी जानकारी आबकारी विभाग व संबंधित थानों की पुलिस को होने के बावजूद भी दोनों विभाग मौन हैं जो गांवों में लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बता दें कि जहरीली शराब से हर साल कई लोगों की जानें चली जाती हैं। आज ही उत्तर प्रदेश औऱ उत्तराखंड में 32 लोगो की ज़हरीली शराब पीने से हुई मौत के बाद भी राजधानी पुलिस की आँख नही खुली हैं।खानापूर्ति के तौर पर जब हादसा हो जाता हैं तो कुछ दिनों तक अफसर जागते हैं लेकिन बाद में फिर कुम्भकर्णी नींद में सो जाते हैं।

मोटी रकम लेकर पुलिस चुप
ख़बरों के मुताबिक, अवैध धंधेबाजो से महीने में मिल रही मोटी रकम की वजह से जान कर भी स्थानीय पुलिस व आबकारी विभाग आंख बंद करके बैठी हुई है जिसके चलते कई गांवों में विवाद भी बढे़ हैं। बीकेटी एवं इटौंजा थाना क्षेत्र के गांवों, कस्बों में अवैध कच्ची शराब का धंधा धड़ल्ले से संचालित हो रहा है।

बीकेटी थाना क्षेत्र के शिवपुरी, रैथा, सरसवां, अस्तल, सोनवा, परसऊ तथा इटौंजा थाना क्षेत्र में खानपुर, हरदा, सुल्तानपुर, बहादुरपुर सहित अन्य दर्जनों गांव एवं कस्बों में बेधड़क अवैध शराब के कारोबारी धकाधक शराब की भट्टियां चलाकर प्रतिदिन सैकड़ों लीटर शराब तैयार करके आसपास के जनपदों में सुनिश्चित स्थानों पर बनाकर पहुंचाई जा रही है।

शराब में घातक केमिकल नशीली दवाओं का प्रयोग शराब का कारोबार करने वाले एक व्यक्ति ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शराब को अधिक नशीली बनाने के लिए कारोबारी इसमें घातक केमिकल का इस्तेमाल करते हैं। जिसमें आक्सोटोसिन इंजेक्शन, माइन्डेक्स की टेबलेट, ईस्ट सहित कई प्रकार के प्राण घातक केमिकल्स आदि हैं।